Saturday, June 13, 2020

मां-बाप अगर शुरुआत में ही बच्चो की इन आदतों पर ध्यान दें, तो बच्चों को बिगड़ने से बचाया जा सकता है।





बच्चे तो बच्चे होते है और बच्चे हमेशा अपने अपने आसपास के लोगों से ही सब कुछ सीखते हैं। कई बार आस-पड़ोस, स्कूल में वे कुछ ऐसी बातें भी सीख जाते हैं, जो उन्हें नहीं सीखनी चाहिए। आज कल मां-बाप भी अपने कामों में व्यस्त रहते हैं और बच्चों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते हैं, तो बच्चों के बिगड़ने का खतरा ज्यादा होता है। ध्यान देने पर बच्चों में लड़ने-झगड़ने, चिढ़ाने और मार-पीट करने जैसी गलत आदतें शामिल हो जाती हैं। अगर मां-बाप शुरुआत में ही इन आदतों पर ध्यान दें, तो बच्चों को बिगड़ने से बचाया जा सकता है। आइए यहाँ हम आपको कुछ बाते बताते  हैं क्या हैं बच्चों के बिगड़ने के संकेत।




जिद करना

आमतौर पर देखा गया है की सभी बच्चे थोड़े जिद्दी होते हैं। पर यदि आपका बच्चा किसी चीज के लिए बहुत जयादा  जिद करते हुए खाना-पीना छोड़ दे और घंटों तक रोता रहे या खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दे, तो ये सब कारण उसके बिगड़ने का संकेत है। ऐसे बच्चों को बहुत ज्यादा सख्ती से समझाएं। हर बार बच्चों की जिद पूरी करना भी मां-बाप की एक बहुत बड़ी गलती होती है। इससे बच्चों में जिद करने की प्रवृत्ति ज्यादा बढ़ती है।


दूसरों को चिढ़ाना


देखा गया है की बच्चों को अक्सर दूसरे बच्चों को चिढ़ाने में कुछ ज्यदा  ही मजा आता है। मगर ये गलत आदत है। ये वाली आदत भी बच्चे ज्यादातर पास-पड़ोस के बच्चों और स्कूल के दोस्तों से ही सीखते हैं। अगर आपके बच्चे में भी ये आदत है, तो उसे बहुत  प्यार से समझाएं और बताएं कि किसी को मुंह चिढ़ाना अच्छी बात नहीं है।



गन्दी और गलत भाषा का प्रयोग

अगर आपका बच्चा घर में गन्दी और गलत भाषा का प्रयोग कर रहा है, तो समझ लें कि उसकी संगत बहुत ही गलत बच्चों के साथ है। कई बार बच्चे घर से भी गाली-गलौज और गंदी जबान सीखते हैं। हो सके तो घर का माहौल अच्छा रखें। अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर बच्चों को तुरंत टोकना चाहिए। अपने बच्चे को ऐसे बच्चों और ऐसे माहौल से दूर रखें, जहां वो गलत बातें सीखें।


मार-पीट करना

अगर आपके बच्चे घर या पड़ोस में दूसरे बच्चों से मार-पीट करते हैं, तो ये भी बच्चों के बिगड़ने का संकेत है। मार-पीट करने की आदत और हिम्मत अक्सर बच्चों में अपने दोस्तों या टीवी प्रोग्राम्स और फिल्में देखकर ही आती है। ध्यान दें कि मार-पीट करने पर बच्चों को मारें नहीं, बल्कि उन्हें प्यार से समझाएं।



पैसे चोरी करना

वैसे तो मां-बाप अपने बच्चे की सारी जरूरतें पूरी करते हैं। मगर फिर भी बच्चों का मन तो चंचल ही होता है। कई बार ऐसा भी देखा गया है की अपनी मनपसंद चीज खरीदने के लिए बच्चे को पैसे नहीं मिलते हैं, तो वो घर से पैसे चोरी करता है। चोरी करना बच्चे अक्सर किसी दूसरे बच्चों से ही सीखते हैं। इसलिए आपका बच्चा अगर पैसों या सामान की चोरी करता है, तो उसके दोस्तों और उसकी  संगति पर जरुरु ध्यान दें।

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