Sunday, June 21, 2020

नारा देना तो आसान है पर किया सही मे हम चीन के सामान का बहिष्कार कर पायंगे ?



भारत में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के कुल आयात मे चीन की 45 फीसदी  की हिस्सेदारी है इसके अलावा मोबाइल फोन के पार्ट्स कंपोनेंट्स का 90 परसेंट तक आयत चीन से ही होता है और तो और फार्मा कंपनी में भी 65 से 70 परसेंट तक आयात चीन से ही होता है



अगर हम इतिहास मे जाए और देखे की 1962 में भारत के शेयर बाजार में बहुत बड़ी  गिरावट आई थी , उस समय   सोने की कीमतों में ३० % तक की कमी आ गई थी रिजर्व बैंक की तत्कालीन रिपोर्ट के मुताबिक शेयर मार्केट में 16% की गिरावट आई थी इसके अलावा भी संकट पैदा हुआ था रिपोर्ट के अनुसार जुलाई से दिसंबर 1962 के बीच शेयर मार्केट 8.2% किगिर गया फिर जून  तक यह गिरावट 16% तक बढ़ गई थी



भारत में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के कुल आयात में चीन की 45 % हिसेदारी है इसके अलावा कुछ मोबाइल फोन के पार्ट्स कंपोनेंट्स तक का 90 परसेंट तक आयत  चीन से ही होता है अब हम बात करें तो फार्मा कंपनी में ही 65 से 70 परसेंट तक का आयात चीन से ही होता है सीमा पर तनाव के बीच भी चिंतित भारत सबसे ज्यादा आयात करता है यही नहीं बीते साल की 11 महीनों में भारत के मुकाबले कारोबार में चीन  47  अरब डालर के स्तर प्लस पर था इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि भारत में 200000 करोड रुपए के मोबाइल फोन मार्केट है जिसमें 72% हिस्सेदारी चाइना की ही  है


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