Saturday, March 28, 2020

रिक्शा चलाकर दिल्ली से कोलकाता ??



पश्चिम बंगाल के रहने वाले पंचू मंडल और उनके एक साथी दिल्ली में रिक्शा चलाकर गुजारा करते हैं. लेकिन कोरोना के लॉकडाउन की वजह से न सिर्फ इन लोगो को काम मिलना बंद हो गया है बल्कि यहां कोरोना वायरस से संक्रमित होने का डर  भी सता रहा है.

दिल्ली में कोरोना के प्रकोप ने दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. उनकी रोजी-रोटी पर  बहुत बड़ा झटका तो तो लग ही गया है, और कोरोना वायरस से संक्रमित होने का डर  भी सता रहा है.
इस वजह से मजदूर, रिक्शा चालक हड़बड़ी में अपने घरों (होम टाउन)  की ओर निकल पड़े हैं. ऐसे ही दो शख्स अक्षरधाम के पास दिखे.

किसी तरह की बस सेवा रेल सेवा न मिलने के कारन ये दोनों रिक्शा चलाकर ही दिल्ली से कोलकाता जाना चाहते हैं.

पंचू मंडल ने कहा, "मैं पश्चिम बंगाल जा रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने हमें वापस लौटा दिया, उन्होने हमे बताया की  हमें बस से भेजा जाएगा, हम दो लोग रिक्शा चलाने थे, हम एक एक करके रिक्शा खींचते और पश्चिम बंगाल पहुंच जाते, हमें सात -आठ  दिन लगता." पंचू मंडल ने कहा कि अब यहां हमें कोई काम नहीं मिल रहा है. कोई सवारी नहीं है, हमारे लिए बहुत मुश्किल वक्त है.

सभी को पता है की दिल्ली समेत देश भर में लॉकडाउन की घोषणा के बाद दिल्ली एनसीआर में रहने वाले हजारों मजदूर यूपी , बिहार, झारखंड, और बंगाल के लिए पैदल ही निकल चुके हैं. दिल्ली से उत्तर प्रदेश जाने वाली सड़कों पर इन मजदूरों  को देखा जा सकता है सरकार इन मजदूरों को फिलहाल जहां है वहीं रहने को कह रही है लेकिन कुछ न मिलने व् , रोजी-रोटी की किल्लत और बीमारी के खौफ की वजह से ये मजदूर रुकने को तैयार नहीं हैं.

No comments:

Post a Comment